Navratri Day 7 Maa Kalaratri Puja Aarti Mantras

  1. Kalaratri Prarthana – Navratri Day 7 ( Saptami ) 108 Times

  2. Navratri Special- 7 th Day Kalratri Devi Puja, Mantras & Story

  3. Kalaratri Mantra 1008 Times in 50 Minutues
    माँ की पूजा का श्लोक और मंत्र है

    एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता । लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी ॥
    वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा । वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयन्करि ॥

    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

  4. Kalratri Aarti | Maa Kalratri Navdurga Aarti | Navratri 7th Day Aarti | कालरात्रि आरती

  5. Katyayani Aarti | Maa Katyayani Navdurga Aarti | Navratri 6th Day Aarti | कात्यायनी आरती
    Katyayani Aarti | Maa Katyayani Navdurga Aarti | Navratri 6th Day Aarti | कात्यायनी आरती. Katyayani Aarti is the Aarti for Sixth Navadurga, Maa Katyayani, Sixth day Goddess of Durga Navratri.

  6. आज माँ कालरात्रि की इस आरती को सुनने से शत्रुओं का नाश होता है और परिवार की रक्षा होती हैं

  7. Kaalratri Jaap Mantra 108 Times | कालरात्रि जाप मंत्र | Day 7 Mantra | Day Colour – Royal Blue

  8. Maa Kalratri Prarthana, Stuti, Mantra | Navratri Day 7 | माँ कालरात्रि प्रार्थना, स्तुति, मंत्र

    माँ कालरात्रि स्तुतिः –

    चण्डवीरां चण्डमायां रक्तबीज – प्रभञ्जनीम्।
    तां नमामि च देवेशीं गायत्रीं गुणशालिनीम्। ।

    विवरण : माता कालरात्रि के शरीर का रंग काला, बिखरे हुए बाल, गले मे मुण्ड माला, तीन नेत्र, गर्दभ है | दाहिना हाथ वारमुद्रा मे, दूसरा हाथ अभय मुद्रा मे है | बाई हाथ मे लोहे का काँटा तथा नीचे वाले हाथ मे खड्ग है |

    आराधना महत्व:
    माता कालरात्रि की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति, दुश्मनो का नाश होता है| माता अपने भक्तो को सभी प्रकार के दुखो ओर भय से मुक्त करती है | दानव, दैत्य, राक्षस भूत-प्रेत भयभीत होकर थक जाते है |

  9. Navratri 7th Day Maa Kaalratri: मां कालरात्रि की पूजा विधि, भोग, मंत्र, नवरात्रि सातवां दिन
    दुर्गा जी का सातवां स्वरूप मां कालरात्रि है. इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि कहा गया और असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए देवी दुर्गा ने अपने तेज से इन्हें उत्पन्न किया था. इनकी पूजा शुभ फलदायी होने के कारण इन्हें ‘शुभंकारी’ भी कहते हैं.,,मान्यता है कि माता कालरात्रि की पूजा करने से मनुष्य समस्त सिद्धियों को प्राप्त कर लेता है. माता कालरात्रि पराशक्तियों (काला जादू) की साधना करने वाले जातकों के बीच बेहद प्रसिद्ध हैं. मां की भक्ति से दुष्टों का नाश होता है और ग्रह बाधाएं दूर हो जाती हैं. आइये आचार्य अजय द्विवेदी जी से जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, भोग और मंत्र के बारे में….

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